नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 81090 62404 , +91 81090 62404 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , मत्स्य विभाग मैं किसान के साथ हुई मारपीट*मत्स्य विभाग द्वारा किसानों के साथ आए दिन की जाती है दबंगई। – DB News – Danger Bharat News

लाइव कैलेंडर

June 2026
M T W T F S S
« May    
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  

LIVE FM सुनें

DB News – Danger Bharat News

www.dangerbharatnews.com

मत्स्य विभाग मैं किसान के साथ हुई मारपीट*मत्स्य विभाग द्वारा किसानों के साथ आए दिन की जाती है दबंगई।

1 min read
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

मत्स्य विभाग मैं किसान के साथ हुई मारपीट*मत्स्य विभाग द्वारा किसानों के साथ आए दिन की जाती है दबंगई।

मत्स्य विभाग द्वारा पिछले दिनों भी किसानों के साथ अभद्रता करते हुए लाइसेंस धारी किसानों के जाल जप्त कर लिए जाने पर किसानों ने कलेक्टर से शिकायत की थी अब एक बार फिर कल किसानों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है।
दमोह। मत्स्य विभाग जिला कार्यालय दमोह में विगत दिवस मछली बीज खरीदने आए किसान के साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार 1 सितंबर को जिले के विभिन्न क्लस्टर क्षेत्रों के किसानों को मत्स्य विभाग जिला कार्यालय दमोह द्वारा मछली बीज वितरण हेतु बुलाया गया था और उनसे 275 रूपयों में 1000 मछली बीज देने की बात कही गई थी। उपस्थित किसानों से रूपये 275 के अनुसार भुगतान जमा कराकर मछली बीज भी दे दिया गया परंतु जब किसानों ने बीज गिना तो वह 530 बीज ही निकले जिसकी शिकायत संबंधित अधिकारी से करने पर विभाग में मौजूद लेबर जगदीश द्वारा धनगौर के किसान जयदेव के साथ मारपीट कर दी गई। किसानों द्वारा इस संबंध में 100 नंबर पर शिकायत की गई जिसके बाद आई पुलिस के सामने विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न सर्कुलरों की आड़ लेते हुए मछली बीज बड़ा हो जाने की बात कर दी गई।


घटना के संबंध में किसानों का कहना है कि मत्स्य विभाग के अधिकारी वीज खरीदने के पूर्व में जानकारी दिए विना ही 275 में बीज दे रहे थे परंतु जब भ्रष्टाचार की परत खुली तो मछली बीज बड़ा हो जाने की बात करने लगे जो बात बाद में कही गई और जिन सर्कुलरों की आड़ ली गई वह पहले ही क्यों नहीं बताई गई? और विवाद के बाद संबंधित किसान को पैसे लौटा दिए गए।

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now