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दमोह सुधार गृह बना नशे का अड्डा! शराब और गांजे की खुली सप्लाई — जिला प्रशासन मौन!

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दमोह सुधार गृह बना नशे का अड्डा! शराब और गांजे की खुली सप्लाई — जिला प्रशासन मौन!

दमोह। समाज के बिगड़े लोगों को सुधारने के लिए बनाए गए सुधार गृह (जेल) अब खुद बिगाड़ का केंद्र बन चुके हैं। दमोह के सुधार गृह से जुड़ी चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है — जहां बंदियों को सुधारने की जगह नशीले पदार्थ और शराब खुलेआम दी जा रही है!


जिन लोगों को नशे और अपराध की दुनिया से बाहर निकालने की जिम्मेदारी प्रशासन की है, वही अब उन्हें और गहराई में धकेल रहा है। सूत्रों के अनुसार, दमोह सुधार गृह में बंद कैदियों को शराब, गांजा और अन्य मादक पदार्थ आसानी से मिल रहे हैं।
कई बार इन सबकी वीडियो क्लिप्स भी वायरल हुईं, लेकिन हर बार जेल प्रशासन ने “फर्जी बताकर” मामले को रफा-दफा कर दिया।


चौंकाने वाला खुलासा – 2023 की शिकायत आज तक दबाई गई!
दमोह जेल के पास बने उत्कृष्ट विद्यालय और गर्ल्स हॉस्टल की प्राचार्य ने वर्ष 2023 में कलेक्टर दमोह को लिखित आवेदन (पत्र क्रमांक 862) देकर शिकायत की थी कि
“जेल परिसर से रोज शराब की खाली बोतलें फेंकी जाती हैं, जो हॉस्टल में पढ़ने वाली बच्चियों के सिर पर गिरते-गिरते बचती हैं।”


यह शिकायत आज तक प्रशासनिक फाइलों में दबी हुई है। हैरानी की बात यह है कि शिकायत मिलने के बावजूद न जेलर पर कोई कार्रवाई हुई, न सुपरिंटेंडेंट से जवाब तलब।
सुधार की जगह बिगाड़ की फैक्ट्री!
जेल का असली मकसद था – अपराधियों को सुधारा जाए, ताकि वे दोबारा समाज में जुड़ सकें।
लेकिन दमोह का यह सुधार गृह अब ‘सुधार’ नहीं, बल्कि ‘बिगाड़ ग्रह’ बन गया है। यहां से बाहर निकलने वाले लोग पहले से ज्यादा हिंसक और नशे के आदी बनकर लौट रहे हैं।
प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
आखिर जिला प्रशासन कब तक आंखें मूंदे बैठेगा?
शिकायत पत्र और वायरल वीडियो पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई?


जेल सुपरिंटेंडेंट और जेलर को संरक्षण कौन दे रहा है?
अब देखना यह होगा कि इस खुलासे के बाद जिला प्रशासन जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई करता है या फिर एक बार फिर ‘सुधार गृह’ की सच्चाई पर पर्दा डालने की कोशिश की जाती है।
Danger Bharat News की पड़ताल जारी है…
हम दिखाएंगे दमोह सुधार गृह की वो हकीकत, जिससे प्रशासन हमेशा डरता रहा है!

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