नेताओं के लिए आईना: वोट के समय वार्ड याद, बारिश में क्यों नहीं?
1 min read
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|

तेज बारिश में खुली विकास के दावों की पोल, जलमग्न हुई सुभाष कॉलोनी
20 साल से एक ही पार्षद, कांग्रेस की नगर पालिका फिर भी हर बरसात में डूबता वार्ड; विधायक निधि से नाला सफाई के बाद भी नहीं मिली राहत
दमोह। शहर में हुई तेज बारिश ने एक बार फिर विकास के उन दावों की पोल खोल दी, जिनके सहारे हर साल बारिश से पहले जलभराव की समस्या दूर करने का भरोसा दिलाया जाता है। सिविल वार्ड नंबर 6 की सुभाष कॉलोनी में तेज बारिश के बाद हालात ऐसे बन गए कि लोगों को पूरी रात जागकर गुजारनी पड़ी। कई घरों में पानी घुसने की स्थिति बनी और रहवासी अपने परिवार व सामान को सुरक्षित रखने की जद्दोजहद करते नजर आए।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सुभाष कॉलोनी को हर साल बारिश के पानी की सजा कब तक भुगतनी पड़ेगी?

20 साल से पार्षद, फिर भी समस्या जस की तस
स्थानीय लोगों के अनुसार सिविल वार्ड नंबर 6 में पार्षद विक्रम ठाकुर लगातार करीब 20 वर्षों से चुनाव जीतते आ रहे हैं। शहर की राजनीति में यह वार्ड कांग्रेस के प्रभाव वाला माना जाता है और नगर पालिका में भी कांग्रेस का नेतृत्व है। इसके बावजूद हर बारिश में सुभाष कॉलोनी के रहवासियों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
विडंबना यह है कि दमोह जिले में सांसद और विधायक भाजपा के होने के बावजूद वार्ड की स्थानीय राजनीतिक व्यवस्था पर कांग्रेस का प्रभाव बना हुआ है। ऐसे में अब सवाल दोनों राजनीतिक दलों से है—जनता के बीच राजनीति की लड़ाई अपनी जगह, लेकिन बरसात में डूबते घरों की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?


पिछले साल घर खाली कराने पड़े थे
यह समस्या कोई नई नहीं है। पिछले वर्ष भी बारिश के दौरान सुभाष कॉलोनी के कई घरों में पानी भर गया था। हालात बिगड़ने पर जिला प्रशासन को कई परिवारों के घर खाली करवाकर राहत शिविर तक लगाना पड़ा था।उस समय तत्कालीन कलेक्टर सुधीर कोचर ने भी सुभाष कॉलोनी में जलभराव की समस्या को देखते हुए पानी की निकासी की उचित व्यवस्था किए जाने की बात कही थी। इसके बाद उम्मीद जगी थी कि इस बार शायद लोगों को राहत मिलेगी।

विधायक निधि से नाला साफ हुआ, फिर भी नहीं निकला पानी
जलभराव की समस्या को देखते हुए दमोह विधायक जयंत कुमार मलैया की विधायक निधि से सुभाष कॉलोनी से लगी अन्य कॉलोनियों के नालों की साफ-सफाई कराई गई थी। इसके बाद लोगों को लगा कि शायद इस बार बारिश का पानी उनके घरों में नहीं घुसेगा।
लेकिन गुरुवार/शुक्रवार की रात हुई तेज बारिश ने इन उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

कुछ समय की तेज बारिश में ही जलभराव की स्थिति ने फिर पुराने हालात याद दिला दिए। सवाल यह है कि अगर नालों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था के बाद भी पानी घरों तक पहुंच रहा है तो आखिर समस्या का स्थायी समाधान हुआ कहां?
सुबह 6 बजे पहुंचे सिद्धार्थ मलैया, प्रशासन भी मैदान में
स्थिति की जानकारी मिलने के बाद दमोह विधायक जयंत कुमार मलैया के पुत्र सिद्धार्थ मलैया सुबह करीब 6 बजे सुभाष कॉलोनी पहुंचे। इसके बाद जिला प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची और लोगों को राहत पहुंचाने के लिए बचाव कार्य शुरू किया गया।
प्रशासन के मौके पर पहुंचने से लोगों को तत्काल राहत जरूर मिली, लेकिन इससे एक बड़ा सवाल खत्म नहीं होता—बारिश शुरू होने के बाद बचाव दल भेजने के बजाय जलभराव रोकने की स्थायी व्यवस्था पहले क्यों नहीं की गई?
आंदोलन भी हुए, आश्वासन भी मिले, लेकिन पानी आज भी घरों में
सुभाष कॉलोनी के रहवासी पिछले कई वर्षों से जलभराव की समस्या को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। लोगों ने कई बार आंदोलन किए, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने अपनी समस्या रखी और स्थायी जल निकासी की मांग की।

हर बार उम्मीद बंधी कि अब समस्या का समाधान होगा, लेकिन बारिश आते ही वही तस्वीर सामने आ जाती है—सड़कें पानी में, घरों में घुसता पानी और रातभर जागते परिवार।
नेताओं के लिए आईना: वोट के समय वार्ड याद, बारिश में क्यों नहीं?
सुभाष कॉलोनी का जलभराव अब केवल बारिश की समस्या नहीं रह गया है, बल्कि यह स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सीधा सवाल बन चुका है।
करीब दो दशक से एक ही पार्षद के प्रतिनिधित्व वाले वार्ड में यदि हर साल बारिश के बाद जलभराव होता है, तो जिम्मेदारी तय कौन करेगा?
नगर पालिका कांग्रेस की है तो नगर पालिका से सवाल बनता है। वार्ड का पार्षद लगातार निर्वाचित हो रहा है तो पार्षद से सवाल बनता है। विधायक निधि से काम कराया गया तो विधायक और संबंधित विभाग से भी सवाल बनता है।

जनता को राजनीति नहीं, जलभराव से मुक्ति चाहिए।
अब सुभाष कॉलोनी के लोग यह पूछ रहे हैं कि हर साल बारिश से पहले नालों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था के नाम पर आखिर कितना काम होता है और उसका परिणाम बारिश में क्यों दिखाई नहीं देता?
बारिश का पानी तो हर साल आएगा, लेकिन क्या सुभाष कॉलोनी के लोगों को हर साल इसी तरह अपने घर बचाने के लिए रातें जागकर गुजारनी पड़ेंगी?
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space





