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दमोह में मिलावटखोरी पर फिर छापा – खाद्य अधिकारी की भूमिका पर सवाल!

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दमोह में मिलावटखोरी पर फिर छापा – खाद्य अधिकारी की भूमिका पर सवाल!

374 किलो बेसन लड्डू जब्त, मूल्य ₹37,400 – जनता में गुस्सा, खाद्य माफियाओं से मिलीभगत की आशंका

बड़ी-बड़ी खबरों के बीच छूट जाती है छोटी महत्वपूर्ण खबरें जिनसे होता है जनता का सीधा सरोकार छोटी महत्वपूर्ण खबरें देखने के लिए देखते रहे डेंजर भारत 7000412524

(तनुज पाराशर दादा भाई)

दमोह, 23 अगस्त 2025।
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत खाद्य सुरक्षा दल ने बजरिया वार्ड नं. 6 स्थित किशोर ठाकुर के प्रतिष्ठान पर छापा मारते हुए 374 किलो बेसन लड्डू जब्त किए। जब्त लड्डुओं की कीमत करीब ₹37,400 बताई जा रही है। मौके पर से नमूने लेकर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए हैं, जिनकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

जनता का सवाल – क्यों नहीं रुक रही मिलावट?

छापामार कार्यवाही के बाद शहरवासियों में नाराज़गी देखी गई। लोगों का कहना है कि “हर कुछ दिनों में कार्रवाई तो होती है, लेकिन बाजार में खुलेआम मिलावट का कारोबार चलता रहता है। आखिर खाद्य विभाग की निगरानी में ये मिलावटखोर इतने हिम्मती कैसे बने हुए हैं?”

खाद्य अधिकारी पर आरोप

लोगों ने इस मामले में वरिष्ठ खाद्य अधिकारी राकेश की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। बताया जाता है कि वे पिछले 10 से 15 सालों से दमोह में ही जमे हुए हैं। इतने लंबे समय तक एक ही जगह पर पदस्थ रहना विभागीय नियमों के विपरीत माना जाता है। यही वजह है कि आमजन में खाद्य माफियाओं से उनकी मिलीभगत की आशंका गहराती जा रही है।

मिलावटखोरी और प्रशासनिक लापरवाही

जनता का कहना है कि अगर प्रशासन और खाद्य विभाग सख्ती से कार्रवाई करता तो दमोह में मिलावटखोरी की जड़ कब की उखड़ चुकी होती। लेकिन लगातार हो रही घटनाओं से साफ है कि कार्रवाई महज़ दिखावे की बनकर रह गई है, और असली दोषी बड़े मिलावटखोरों पर कोई प्रभावी शिकंजा नहीं कस पा रहा है।

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