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हरियाणा, मुंबई गुजरात आदि स्थानों से आयें 300 मजदूर गुजरात से आए मजदूरों ने पैसे लेने की बात कही डेंजर भारत प्रमुख तनुज पाराशर

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दमोह जिले में आ रहे प्रवासी मजदूर जो अपना प्रदेश और जिला छोड़कर रोजी रोटी कमाने को गए थे दूसरे प्रदेशों में कोविड-19 के संक्रमण काल के चलते वह अपने गृह जिले आने लगे हैं इनकी मदद को यूं तो सभी प्रांतों की सरकारें अपनी सहानुभूति दिखाती नजर आ रही है लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर

दिखाई दे रही है आज गुजरात से आई एक बस इसमें 35 से अधिक लोग सवार थे सभी यात्रियों ने 22 सो रुपए किराया लेने की बात कही यह मात्र एक घटना है जो कि बस में एक मजदूर द्वारा हमें मैसेज कर बताई गई जो सामने आई अब आप इस बात से खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं कि मजदूरों की चिंता सिर्फ पेपर बाजी में ही दिखाई जा रही है हमने जब जबलपुर नाका बाईपास पर जाकर मजदूरों से बात की तो उन्होंने ऑन द रिकॉर्ड यह बात कही और ड्राइवर ने भी यह बात

मानी गाड़ी मालिक के एजेंटों ने पैसे लिए हैं लेकिन यह पैसे उसके सेठ द्वारा वहीं गुजरात में ले लिए गए थे मजदूरों ने भी बताया गुजरात से बस जब कुछ ही दूर गई थी और हम लोगों से पैसे की डिमांड की गई जिन्होंने पैसे

नहीं दिए तो कुछ लोगों को वही उतार भी दिया गया है और एक बस तो ऐसी भी जाति देखी गई जिसमें 35 से अधिक लोग तो बस के ऊपर ही बैठे थे अब कोविड-19 के कहर से कौन बचा सकता है उन उन जिलों को जो अभी ग्रीन जोन में है मजदूरों की मेडिकल जांच के दौरान भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जा रहा है

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