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पंचायती राज में विकास कार्यों पर मंडरा रहा भ्रष्टाचार का साया! लोकायुक्त की दबिश में दमोह का सब इंजीनियर ₹20,000 की घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार!

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पंचायती राज में विकास कार्यों पर मंडरा रहा भ्रष्टाचार का साया!
लोकायुक्त की दबिश में दमोह का सब इंजीनियर ₹20,000 की घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार!

दमोह।जिले में पंचायती राज व्यवस्था के नाम पर जहां विकास कार्यों का तेजी से विस्तार हो रहा है, वहीं इन कार्यों में भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और रिश्वतखोरी का जाल लगातार गहराता जा रहा है। ताजा मामला दमोह से सामने आया है, जहां लोकायुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सब इंजीनियर राजन सिंह को घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।


सूत्रों के मुताबिक, सब इंजीनियर राजन सिंह खेत-तालाब के मूल्यांकन की फाइल आगे बढ़ाने और मूल्यांकन बढ़ाने के एवज में ₹80,000 की रिश्वत मांग रहे थे। शिकायतकर्ता पहले ही ₹20,000 की रकम एक माह पूर्व दे चुका था। मंगलवार को जैसे ही शेष ₹20,000 की किश्त राजन सिंह ने सुरेखा कॉलोनी स्थित अपने आवास पर ली, लोकायुक्त टीम ने दबिश देकर उसे पकड़ लिया।


लोकायुक्त की पूरी कार्रवाई आवास पर जारी है, जिससे विभागीय अमले सहित पूरे जिले में हड़कंप मचा हुआ है।
भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों का दावा चाहे जितना किया जाए, लेकिन हकीकत यह है कि हर काम में कमीशनखोरी और घूसखोरी की गंध साफ महसूस होती है। ठेकेदारों से लेकर इंजीनियरों तक, हर स्तर पर भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हो चुकी हैं कि आम जनता को अपने हक का काम कराने के लिए भी रिश्वत का सहारा लेना पड़ता है।
आज जो सब इंजीनियर राजन सिंह लोकायुक्त के हत्थे चढ़े हैं, वह सिर्फ एक उदाहरण है। ऐसी घटनाएं यह बताने के लिए काफी हैं कि पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार ने प्रशासन की कार्यशैली और जवाबदेही दोनों पर ही गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।

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