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दमोह के पुरातत्व तालाब को माझी समाज की मेहनत से किया गया साफ! जो काम नगरपालिका सालों में नहीं कर पाई वह माझी समाज ने कुछ ही दिन में कर दिखाया! डेंजर भारत प्रमुख तनुज पाराशर

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दमोह के पुरातत्व तालाब को माझी समाज की मेहनत से किया गया साफ! जो काम नगरपालिका सालों में नहीं कर पाई वह माझी समाज ने कुछ ही दिन में कर दिखाया! डेंजर भारत प्रमुख तनुज पाराशर

दमोह जिले के पुरातत्व क्षेत्र में आने वाला फुटेरा तालाब जो अंग्रेजों द्वारा 1870 में जल स्तर बढ़ाने के लिए और बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए अंग्रेजों द्वारा खुदवाया गया था और उस तालाब की देखरेख के लिए तालाब के पास ही माझी समाज को बसाया गया था ताकि तालाब की देखरेख हो सके अंग्रेज भले कैसे भी हो लेकिन उनकी यह सोच तारीफ के काबिल थी कि तालाब की देखरेख माझी समाज से बेहतर कोई नहीं कर सकता यही वजह थी कि अंग्रेजों ने इस तालाब के पास में माझी समाज को बसाया और उस तालाब की साफ-सफाई और व्यवसाय

के लिए तालाब माझी समाज की देखरेख में रहा लेकिन आजादी के बाद तालाब को गंदा होने से रोकने के लिए शासन प्रशासन हर साल लाखों रुपए खर्च करता है लेकिन स्थिति जस की तस बनी रहती है! दमोह के फुटेरा तालाब की गंदगी के समाचार पितृपक्ष में सुनने को मिलते होंगे कि तालाब में चोई और गंदगी की भरमार है और लोग मजबूर थे पितृपक्ष में अपने पितरों को तर्पण करने के लिए नगरपालिका के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी कि इस तालाब कि समय रहते साफ सफाई कराई जाए यू तो इस तालाब की सरकारी रिकॉर्ड में और जनता को भ्रमित करने के

लिए साल में कई बार साफ सफाई की जाती है लेकिन हासिल कुछ नहीं होता! बुजुर्गों की कहावत है कि जिसका काम उसी को साजे और करे तो डंडा बाजे! और यूं तो यहां पर साफ सफाई के बहाने छुट भैयऐ नेता अपनी नेतागिरी चमकाने के लिए भी आते रहते हैं पितृपक्ष की समाप्ति के बाद महज 7 दिन में तालाब को दमोह के माझी समाज ने इतना साफ कर दिया कि कंचन जल देखने को मिल रहा है वार्ड वासी भी कह रहे हैं कि आज तक इतना साफ तालाब मैंने कभी नहीं देखा जब सरकार द्वारा लाखों रुपए लगाकर साफ किया गया दमोह के माझी समाज का यह कार्य देखकर हिंदू जागृति मंच द्वारा

दमोह के माझी समाज के लोकप्रिय कलू ठेकेदार को और माझी समाज के बुजुर्ग और युवाओं को साल श्रीफल माला पहनाकर सम्मानित किया गया कालू ठेकेदार की मदद और प्रेरणा से माझी समाज के 200 युवाओं बच्चों द्वारा इस तालाब को साफ कर कर शासन प्रशासन को दिखा दिया कि अगर इच्छा शक्ति के साथ किया गया काम हो तो वह स्पष्ट दिखाई देता है

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