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कलेक्टर लॉगिंग से सीएम हेल्पलाइन में डाले जा रहे फर्जी निराकरण।

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कलेक्टर लॉगिंग से सीएम हेल्पलाइन में डाले जा रहे फर्जी निराकरण।

दमोह । एक ओर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह भ्रष्टाचार मिटाने के लिए मंच से बडे बड़े ऐलान कर रहे है। मंच से लाइव अधिकारियों को निलंबित कर रहे है, सीएम हेल्प लाइन जैसी योजना की निरंतर समीक्षा कर रहे है, ग्राम पंचायत से लेकर प्रदेश मुख्यालय तक प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर रहे है उसके बाद भी दमोह जिले में पदस्थ अधिकारी सीएम हेल्पलाइन जैसी शासन की महत्वाकांक्षी एवं महत्वपूर्ण योजना को ठेंगा दिखा रहे हैं ।

आम जनता की समस्याओं के निराकरण के लिए सीएम हेल्प लाइन में एल01 से लेकर एल04 तक के अधिकारियों को जिम्मा सौंपा गया है। ग्राम पंचायत में सीएम हेल्प लाइन शिकायतों के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत एल01 अधिकारी है तो जिला कलेक्टर एल 03 अधिकारी और भोपाल के आयुक्त स्तर के अधिकारी इसमें एल 04 अधिकारी नियुक्त है। लेकिन ज्यादातर सीएम हेल्पलाइन को बिना कोई जांच किए ही ऑफिस में बैठे-बैठे बंद करवा दिया जाता है। विशेष यह है की एक बार एल 01 अधिकारी ने समस्या का जो निराकरण डाल दिया वह आवेदक की अंसतुष्टि के आधार पर एल 04 अधिकारी तक चलता है।

कलेक्टर लॉगिंग से भी डाले जाते है फर्जी निराकरण


सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज करवाने के बाद जैसे ही शिकायत पोर्टल पर प्रदर्शित होती है जिम्मेदार एल 01 अधिकारी शिकायत से संबंधित पूरी जानकारी जिसके विरुद्ध शिकायत की गई है, उसे उपलब्ध करवा देता है और फिर शुरू होता है शिकायत कर्ता पर दबाव बनाने का खेल। शिकायत बंद करने के लिए साम दाम दण्ड भेद सबका रास्ता अपनाया जाता है, बस कुछ नही किया जाता तो वो है जांच।

यहां विशेष बात यह है की शिकायत कर्ता की असंतुष्टि के आधार पर एल 04 तक पहुंची जांच को जब आयुक्त शिकायत की जांच के लिए वापिस एल 03 अधिकारी जिला कलेक्टर को प्रेषित करते है तो कलेक्टर लॉगिंग से यह शिकायत वापिस उसी विभाग को भेज दी जाती है जहां शिकायत पर पहले ही कोई जांच नही की गई थी। ऐसी ही एक शिकायत क्रमांक 20081985 दिनांक 03/12/2022 को ग्राम पंचायत तिंदनी जनपद पंचायत पटेरा कि की गई थी। शिकायत पर दिनांक 14 मार्च 2023 को एल 01 अधिकारी द्वारा जांच के आधार पर आंशिक कार्य निरस्त किया गया जबकि पूरा कार्य ही मशीन से कराया गया था। शिकायत कर्ता की असहमति के आधार पर उक्त शिकायत एल 04 अधिकारी आयुक्त मनरेगा सूफिया फारूखी तक गई, जिसे आयुक्त द्वारा वापस जिला कलेक्टर दमोह को जांच हेतु प्रेषित कर दिया गया, और एक बार फिर मुख्यमंत्री की महत्वकांक्षी योजना सीएम हेल्प लाइन पर कलेक्टर लॉगिंग से वही निर्णय डाल दिया गया जो एल 01 अधिकारी ने डाला था, अर्थात प्रदेश मुख्यालय सी आई जांच पर फर्जी निराकरण डालकर सब जिम्मेदार फुरसत हो गए। कलेक्टर लॉगिंग चलाने वाले लोक सेवा जिला प्रबंधक चक्रेश पटेल से जब कलेक्टर लॉगिंग से फर्जी निराकरण के बाबत पूछा गया तो उन्होंने कहा की कलेक्टर साहब कोई जांच नही करते, शिकायत जिस विभाग की होती है उसे भेज दी जाती है। अब सवाल यह उठता है की जिस विभाग द्वारा पहले ही उस शिकायत की जांच सही तरीके से नहीं की गई या की ही नही गई उसी विभाग के उसी पुराने निराकरण को मान्य कर देना सीएम हेल्प लाइन के पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा कर देता है।

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