नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 81090 62404 , +91 81090 62404 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , पंडित अटल बिहारी वाजपेई की पुण्यतिथि पर दमोह के वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र अटल जैन ने पंडित अटल बिहारी वाजपेई को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए रक्तदान किया। – DB News – Danger Bharat News

लाइव कैलेंडर

September 2026
M T W T F S S
« Aug    
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  

LIVE FM सुनें

DB News – Danger Bharat News

www.dangerbharatnews.com

पंडित अटल बिहारी वाजपेई की पुण्यतिथि पर दमोह के वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र अटल जैन ने पंडित अटल बिहारी वाजपेई को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए रक्तदान किया।

1 min read
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

पंडित अटल बिहारी वाजपेई की पुण्यतिथि पर दमोह के वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र अटल जैन ने पंडित अटल बिहारी वाजपेई को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए रक्तदान किया।

भारत रत्न पंडित अटल बिहारी बाजपेई जी की पांचवी पुण्यतिथि पर पंडित अटल बिहारी बाजपेई के प्रशंसक जो की छात्र राजनीति से ही पंडित अटल बिहारी से प्रभावित होकर पंडित अटल बिहारी के सबसे बड़े प्रशंसक के रूप में लोग उन्हें

राजेंद्र अटल के नाम से जानते हैं वरिष्ठ पत्रकार भाई राजेंद्र अटल जी पंडित अटल बिहारी वाजपेई की मृत्यु उपरांत उनके जन्म दिवस व उनकी पुण्यतिथि पर साल में दो बार रक्तदान करते हैं आज पंडित अटल बिहारी वाजपेई जी की पुण्यतिथि पर राजेंद्र अटल जी द्वारा दशवां रक्तदान किया गया। और सभी नगर वासियों से रक्तदान करने की अपील की गई। राजेंद्र अटल जी ने बताया कि अपने परिवार या मित्र के जन्मदिन या पुण्यतिथि को यादगार बनाने के लिए रक्तदान करें और आपका रक्त किसी की जान बचा सकता है इससे बड़ा कोई पुण्य नहीं है।

आज राजेंद्र अटल जी अपने साथी पत्रकारों के साथ जिला अस्पताल पहुंचे। वरिष्ठ पत्रकार महेंद्र जैन तनुज पाराशर अजीत सिंह की मौजूदगी में रक्तदान किया। पंडित अटल बिहारी बाजपेई जी राजनीति से पहले पत्रकार भी रहे है यही वजह है कि पत्रकार जगत से दमोह के और भी पत्रकारों ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए पत्रकार महेन्द्र जैन ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए और कहा कि अटल जी अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते थे। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की नई गठबंधन सरकार के प्रमुख के रूप में भारत के प्रधानमंत्री का पद ग्रहण किया। श्री वाजपेयी राजनीति के क्षेत्र में चार दशकों तक सक्रिय रहे। वह लोकसभा (लोगों का सदन) में नौ बार और राज्य सभा (राज्यों की सभा) में दो बार चुने गए जो अपने आप में ही एक कीर्तिमान है।

भारत के प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री, संसद की विभिन्न महत्वपूर्ण स्थायी समितियों के अध्यक्ष और विपक्ष के नेता के रूप में उन्होंने आजादी के बाद भारत की घरेलू और विदेश नीति को आकार देने में एक सक्रिय भूमिका निभाई।

श्री वाजपेयी जी अपने छात्र जीवन के दौरान पहली बार राष्ट्रवादी राजनीति में तब आये जब उन्होंने वर्ष 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन जिसने ब्रिटिश उपनिवेशवाद का अंत किया, में भाग लिया। वह राजनीति विज्ञान और विधि के छात्र थे और कॉलेज के दिनों में ही उनकी रुचि विदेशी मामलों के प्रति बढ़ी। उनकी यह रुचि वर्षों तक बनी रही एवं विभिन्न बहुपक्षीय और द्विपक्षीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने अपने इस कौशल का परिचय दिया।


श्री वाजपेयी जी ने अपना करियर पत्रकार के रूप में शुरू किया था और 1951 में भारतीय जन संघ में शामिल होने के बाद उन्होंने पत्रकारिता छोड़ दी। आज की भारतीय जनता पार्टी को पहले भारती जन संघ के नाम से जाना जाता था जो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का अभिन्न अंग है। उन्होंने कई कवितायेँ भी लिखी जिसे समीक्षकों द्वारा सराहा गया। अब भी वह राजनीतिक मामलों से समय निकालकर संगीत सुनने और खाना बनाने जैसे अपने शौक पूरे करते हैं।


श्री वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर, 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रहने वाले एक विनम्र स्कूल शिक्षक के परिवार में हुआ। निजी जीवन में प्राप्त सफलता उनके राजनीतिक कौशल और भारतीय लोकतंत्र की देन है। पिछले कई दशकों में वह एक ऐसे नेता के रूप में उभरे जो विश्व के प्रति उदारवादी सोच और लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता को महत्व देते हैं।

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now