नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 81090 62404 , +91 81090 62404 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , दमोह में लोकतंत्र पर हमला: विधायक की फर्जी FIR से आहत पत्रकारों ने दी सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी! डेंजर भारत प्रमुख तनुज पाराशर दादा भाई – DB News – Danger Bharat News

लाइव कैलेंडर

September 2026
M T W T F S S
« Aug    
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  

LIVE FM सुनें

DB News – Danger Bharat News

www.dangerbharatnews.com

दमोह में लोकतंत्र पर हमला: विधायक की फर्जी FIR से आहत पत्रकारों ने दी सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी! डेंजर भारत प्रमुख तनुज पाराशर दादा भाई

1 min read
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

दमोह में लोकतंत्र पर हमला: विधायक की फर्जी FIR से आहत पत्रकारों ने दी सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी!

दमोह। दमोह जिले में लोकतंत्र की चौथी ताकत पर खतरे की घंटी बज चुकी है। हटा विधायक उमा देवी खटीक द्वारा पत्रकार जितेंद्र गौतम पर कराई गई कथित फर्जी FIR ने पूरे पत्रकार समुदाय में आक्रोश की ज्वाला भड़का दी है। सोमवार को जिलेभर के पत्रकार कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी देकर प्रशासन को हिला दिया।

राष्ट्रगान पर सवाल और फिर FIR का दांव

13 अगस्त को पटेरा में तिरंगा यात्रा के दौरान पत्रकार ने विधायक से राष्ट्रगान गाने को कहा। विधायक द्वारा राष्ट्रगान गलत गाने और तथ्यात्मक गलती पर जब खबर मीडिया प्लेटफॉर्मों पर आई, तो वह तिलमिला उठीं। इसके बाद उन्होंने अपने लेटरपैड पर पुलिस को पत्र भेजकर पत्रकार पर गंभीर धाराओं समेत एससी-एसटी एक्ट में भी FIR दर्ज करा दी।

“पुलिस ने दबाव में दर्ज की FIR”

पत्रकारों का आरोप है कि विधायक के दबाव में आकर पुलिस ने बिना जांच किए FIR दर्ज कर दी। पत्रकार संगठन ने शनिवार को प्रशासन को ज्ञापन देकर 3 दिन में SIT गठित करने की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई न होने से गुस्सा और भड़क गया।

कलेक्टर से भिड़े पत्रकार, मांगा जवाब

सोमवार को सैकड़ों पत्रकार कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर सामूहिक आत्मदाह की घोषणा कर बैठे। हालात बिगड़ते देख कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर मौके पर पहुंचे और पत्रकारों से दो दिन का समय मांगा। उन्होंने SIT गठित कर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।

पत्रकारों की चेतावनी  “दो दिन में न्याय दो, वरना आंदोलन”

पत्रकारों ने साफ कहा कि यदि दो दिन में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई नहीं हुई, तो वे या तो आत्मदाह करेंगे या फिर अनिश्चितकालीन आंदोलन छेड़ देंगे।
उनका कहना है

“पत्रकारों को चुप कराने की यह साजिश सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है।

जिलेभर की निगाहें प्रशासन पर

अब पूरा जिला इस पर टकटकी लगाए बैठा है कि क्या प्रशासन दबंग राजनीति के आगे झुकता है या लोकतंत्र की चौथी स्तंभ को न्याय दिलाने की हिम्मत दिखाता है। आने वाले दो दिन न सिर्फ दमोह बल्कि पूरे प्रदेश की पत्रकारिता के भविष्य को तय करने वाले साबित हो सकते हैं।

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now