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दमोह जिले के महिला बाल विकास अधिकारी सोए हैं कुंभकर्णीय निद्रा में नाबालिक बच्चों से कराई जा रही मजदूरी। डेंजर भारत प्रमुख तनुज पाराशर

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बड़ी बड़ी खबरों के बीच छूट जाती हैं छोटी महत्वपूर्ण खबरें जिन से होता है जनता का सीधा सरोकार छोटी महत्वपूर्ण खबरें देखने के लिए देखते रहे डेंजर भारत।

दमोह जिले के महिला बाल विकास अधिकारी सोए हैं कुंभकर्णीय निद्रा में नाबालिक बच्चों से कराई जा रही मजदूरी।

दमोह जिले के महिला बाल विकास अधिकारी इन दिनों कुंभकर्णीय निद्रा में सोए हुए हैं और दमोह में हो रही बाल मजदूरी और ह्युमन ट्रैफिकिंग के केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं अभी कुछ दिन पहले ही दमोह मैं आए राष्ट्रीय बाल आयोग के अधिकारियों ने कई जगह अचानक छापा मारा था जिसमें महिला बाल विकास के अधिकारी कर्मचारी ऐसे लोगों के गुप्तचर बनकर कार्य कर रहे थे जिन्हें राष्ट्रीय बाल आयोग के

अधिकारियों ने फोन करते हुए रंगे हाथों पकड़ा था और उनका फोन भी जप्त कराया था ऐसे अधिकारियों से अब भला दमोह में हो रही बाल मजदूरी पर कार्रवाई की आशा कैसे कर सकते हैं जब यह अधिकारी ह्यूमन ट्रैफिकिंग जैसे कार्य में लिप्त लोगों का सहयोग करते रंगे हाथों पकड़े जाते हैं।

ताजा मामला दमोह जिले के जबलपुर नाका स्टेट कुमुद सेल्स कंपनी जहां पर टीवीएस कंपनी की गाड़ियां बेची जाती हैं वहां पर बाल मजदूरी कराई जा रही है देखने में आया है कि छोटे-छोटे बच्चों को पैसों का लालच देकर यहां पर काम कराया जाता है जबकि इन छोटे बच्चों को इस वक्त पढ़ाई की सख्त जरूरत है और उन्हें पढ़ना लिखना चाहिए उस उम्र में कुछ लालची लोग कम वेतन में बाल मजदूरों को लगा लेते हैं ताकि इन्हें वेतन अधिक ना देना पड़े और बच्चों का भविष्य खराब कर रहे हैं अब देखना होगा दमोह के महिला बाल विकास अधिकारी इस एजेंसी पर कब तक कार्यवाही करते है या यूं ही कुंभकर्णीय निंद्रा में सोए रहेंगे

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