ड्राइवर की लापरवाही से विद्युत डीपी से टकराकर पलटी स्लीपर बस, आधा दर्जन से अधिक यात्री घायलकटनी से इंदौर जा रही थी बस, सिहोरा के पास हुआ हादसा; चार साल की बच्ची सहित घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया
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दमोह। कटनी से इंदौर जा रही तेज रफ्तार स्लीपर बस मंगलवार रात देहात थाना क्षेत्र के सिहोरा के पास अनियंत्रित होकर विद्युत डीपी से टकराने के बाद पलट गई। हादसे में चार साल की बच्ची सहित आधा दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए। गनीमत रही कि विद्युत डीपी से टकराने के बावजूद कोई बड़ा विद्युत हादसा नहीं हुआ, अन्यथा परिणाम गंभीर हो सकते थे। घटना ने एक बार फिर यात्री बसों की रफ्तार और चालकों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, ओम साईं राम ट्रैवल्स की बस क्रमांक एमपी 15 पीए 5577 कटनी से इंदौर जा रही थी। मंगलवार रात करीब 9 से 10 बजे सिहोरा के पास बस अनियंत्रित हुई और विद्युत डीपी से टकराकर पलट गई। हादसे में बद्री (36) और नव्या (4), निवासी कुम्हारी, सोनेसिंह (31), निवासी रेपुरा, तथा रिंकू, निवासी अमगवां सहित अन्य यात्रियों को चोटें आईं।

पुलिस ने बस में फंसे घायलों को निकाला
हादसे की सूचना पर डायल 112 और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। सीएसपी एचआर पांडे और देहात थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय सहित पुलिस टीम ने राहत एवं बचाव कार्य संभाला। सागर नाका चौकी के प्रधान आरक्षक नीरज श्रीवास्तव तथा जबलपुर नाका चौकी के प्रधान आरक्षक देवेंद्र, गणेश और संदीप पटेल ने बस से घायलों को निकालकर अस्पताल पहुंचाने में मदद की।

सभी घायलों को जिला अस्पताल दमोह में भर्ती कराया गया, जहां डॉ. आरिफ खान, डॉ. दिवाकर पटेल, डॉ. हेमराज सिंह, डॉ. एनके पटेल, डॉ. उमेश तंतुवाय, डॉ. सुरेंद्र सिंह राजपूत, डॉ. मनीष संगतानी, डॉ. हर्षवर्धन आर्य, डॉ. हर्ष पाटीदार और डॉ. योगेंद्र चौरसिया सहित चिकित्सकीय टीम ने उपचार किया। तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी, राजस्व निरीक्षक गौरीशंकर और पुलिस बल ने भी अस्पताल में आवश्यक सहयोग दिया।
तेज रफ्तार पर सवाल, जांच से सामने आएगी असली वजह

चलती यात्री बस का अनियंत्रित होकर विद्युत डीपी से टकराने के बाद पलट जाना गंभीर सवाल खड़े करता है। यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले बस चालक से अपेक्षा होती है कि वह गति और सड़क की परिस्थितियों का ध्यान रखते हुए वाहन चलाए। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह और चालक की लापरवाही की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। ऐसे में दुर्घटना के कारणों की जांच कर जिम्मेदारी तय करना जरूरी है, ताकि भविष्य में यात्रियों की जान जोखिम में डालने वाली घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
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